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कानपुर से यूके तक फर्जी डिग्री और जाली मार्कशीट बनाने का खेल, मास्टरमाइंड जियाउल हसन समेत 10 गिरफ्तार

 Published : Jun 10, 2026 10:38 am IST,  Updated : Jun 10, 2026 10:53 am IST

कानपुर पुलिस अब इस शातिर गैंग फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन, बैंक खातों और विदेशी संपर्कों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने लोगों को फर्जी डिग्रियां बेची गईं और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : PTI

उत्तर प्रदेश के कानपुर से यूके तक फर्जी डिग्री और जाली मार्कशीट बनाने के बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ये गिरोह पिछले 13 साल से फर्जी डिग्री की इंटरनेशनल 'फैक्ट्री' चला रहा था। मॉडर्न तकनीक का इस्तेमाल कर अलग-अलग नामी विश्वविद्यालयों की फर्जी डिग्री बनाई जा रही थीं।  ये गिरोह हूबहू नकली डिग्रियां तैयार कर बेचा करता था। गिरोह का धंधा भारत, सऊदी अरब, कनाडा और यूके तक फैसा हुआ था।

मास्टरमाइंड समेत 10 गिरफ्तार

कानपुर पुलिस ने फर्जी डिग्री के पूरे सेटअप को सीज किया है। गिरोह के मास्टरमाइंड जियाउल हसन उर्फ समीर सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस गिरोह का सरगना 32 वर्षीय जियाउल हसन ग्राफिक्स डिजाइनिंग का एक्सपर्ट है।

ब्रिटेन में बसने वाला था मास्टरमाइंड

वह लंदन के मोबाइल नंबर का उपयोग कर पूरे नेटवर्क को भारत और विदेशों में ऑपरेट कर रहा था। आरोपी जल्द ही ब्रिटेन में स्थायी रूप से बसने की पूरी तैयारी कर चुका था, लेकिन उससे पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। 

13 साल से चल रहा था फर्जीवाड़े का खेल

छापेमारी में पता चला कि प्रिंटिंग प्रेस अल्ट्रा मॉर्डन तकनीक की है। इसमें छप कर निकलने वाले डॉक्यूमेंट्स हूबहू असली सर्टिफिकेट्स को रिप्लेस कर सकते हैं। इतना ही नहीं इन तकनीक का गलत इस्तेमाल कर करोड़ों की कमाई करने वाला ये गिरोह एक दो नहीं पूरे तेरह साल से लाखों के फर्जीवाड़े के धंधे को अंजाम दे रहा था।

गिरफ्तार लोगों के नाम आए सामने

लेकिन अब कानपुर पुलिस ने इस गैंग को धर दबोचा है। कानपुर की बेकनगंज थाने की पुलिस, एसआईटी और साइबर सेल के ज्वाइंट ऑपरेशन ने इस मामले में कार्रवाई की है। गिरोह का सरगना जियाउल हसन उर्फ समीर उर्फ आतिफ, गिरोह का मेंबर नूरुद्दीन, हसन आसिफ और आमिर अहमद समेत 10 लोगों गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने सामान को किया बरामद

आरोप है कि यह गिरोह अलग-अलग यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी डिग्री, मार्कशीट, ट्रांसक्रिप्ट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और अन्य एजुकेशनल डॉक्यूमेंट्स तैयार कर बेचता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 62 फर्जी मार्कशीट, छात्रों के नाम पर तैयार सीमेस्टर मार्कशीट, डिग्री, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, ट्रांसक्रिप्ट और पीएचडी से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके अलावा लैपटॉप,  कंप्यूटर, कलर प्रिंटर, हार्ड डिस्क और वाई-फाई राउटर भी जब्त किया है। 

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